Watch Guru Pali Chandra’s version of Omkara Bindu Samyuktam. Flame is an embodiment of Pali Chandra's devotion and commitment towards the Kathak dance form. It caps off the beautiful journey where we heard both the philosophical and practical angles towards approaching this great shloka.
लौ
आत्मज्ञान के यज्ञ से,
कर प्रज्वलित वह ज्वाला,
प्रज्ञा, संस्कार से,
कर नवजीवन निर्माण।
सृजनकर प्रसारग्रसर,
शून्य का विस्तार हो,
कल्पक, अविरत,
अलौकिक, समर्पित,
यही आत्म परिमाण हो।
चौगुन का प्रदर्शन शिष्याओं के साथ - तत्कार (पैरों का काम) - तीनताल | Chaugun Demonstration with the Students
पलट हस्तक - व्याख्यान और महत्वपूर्णता कथक की प्रारंभिक पाठ्य क्रम के लिए।
आमद प्रदर्शन शिष्यों के साथ | Amad Demonstration with the Students
दुगुन का प्रदर्शन शिष्याओं के साथ - तत्कार (पैरों का काम) - तीनताल
नाट्य क्रम: व्याख्यान - नाट्य शास्त्र का एक श्लोक - यदो हस्त ततो दृष्टि । Natya Kramaha Explanation